# Jai Siya Ram vs Sat Shri Akal in Punjab, diff between

**URL:** <https://www.bathindahelper.com/t/jai-siya-ram-vs-sat-shri-akal-in-punjab-diff-between/3549>\
**Category:** General Discussion\
**Created:** [December 21, 2021, 12:44pm UTC](https://www.bathindahelper.com/t/jai-siya-ram-vs-sat-shri-akal-in-punjab-diff-between/3549 "2021-12-21T12:44:24Z")\
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**Post date:** [December 21, 2021, 12:44pm UTC](https://www.bathindahelper.com/t/jai-siya-ram-vs-sat-shri-akal-in-punjab-diff-between/3549/1 "2021-12-21T12:44:24Z")

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### जय सिया राम और सत श्री अकाल कब और किसके किए अलग अलग हो गए? और इन दोनों में से जीत किसकी हो रही है?

- दोस्तों, मैं आपको राम-राम और सत श्री अकाल के फ़र्क के बारे में 2-4 बातें रखना चाहता हूँ।
- सबसे पहले disclaimer: यदि किसी भी बंदे को लगता है की मैंने कोई ऐसी बात की है, जो इतिहास के मुताबिक सही नहीं है, तो वो मेरे से उचित प्रूफ मांग सकता है, मैं फ्री टाइम में उसको लिंक भेज दूंगा। वैसे मुझे मालूम है की आज कल सरकारें सोशल मीडिया पर फैली भीड़ की मानसिकता से फैसले लेती हैं, दोषी, निर्दोष, सबूत और तर्क सरकारों के आगे कोई मायने नहीं रखते। यदि भीड़ भैंस को कट्टा कहेगी, तो सरकारी ऑर्डर जारी हो जाएगा की आज से वो कट्टा ही कहा जाएगा। और पंजाब में आजकल हिंदुओं की भीड़ दूसरी भीड़ों के सामने कोई मायने नहीं रख रहीं। अपनी वोट के डर से, कानून के हिसाब से केस बुक न करके, भीड़ को खुश करने के लिए किसी को भी कोई भी केस डाल कर अंदर कर देते हैं। यह लगे हुए केस पर निर्भर करता है की उसकी बैल कब होती है। या उसके पास बैल और वकील के साधन हैं भी या नहीं। खैर इस पर अपनी बात डीटेल में फिर किसी दिन रखूँगा। फिलहाल यही कहूँगा की मेरे किसी भी विडिओ में किसी को भी लगे की मेरा तर्क, या इतिहास गलत है तो वो मुझे व्हाट्सप्प कर सकता है, मैं फ्री टाइम में, लगभग सैम डे जबाब दूंगा।
- 30 मार्च, 1699 से पहले सभी लोग आपस में ‘जय सिया राम’ ही बोला करते थे क्यूंकि 'सत श्री अकाल की शुरुआत बैसाखी के उस दिन गुरु गोबिन्द राय जी ने यह बोल कर शुरू की, की, ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’। यानि, उसी जन पर परमात्मा की कृपा होगी, निहाल हो जाएगा, जो भी अकाल पुरख को सत्य मानेगा । और इसी उद्घोष के साथ गुरु श्री गोबिन्द राय से श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी हो गए। और इसी के साथ खालसा पंथ की स्थापना की गई। उस दिन से पहले, 10 के 10 गुरु हिन्दू ही थे। यहाँ पर यह ध्यान देने की जरूरत है की सभी पगड़ीधारी या जिनका भी उप नाम सिंह हो, या गुरु नानक देव जी को या अर्जुन देव जी को मानते हों, वो सिख हों यह बिल्कुल भी जरूरी नहीं है। बहुत से बनिया, राजपूत, या अन्य जातियों के लोग भी अपने नाम के पीछे सिंह लगाते हैं, या पगड़ियाँ पहनते हैं। और सभी हिन्दू घरों में गुरुओं की तस्वीरें आज भी मिलती हैं।
- यह जिक्र योग्य है की खालसा पंथ की स्थापना खास मुसलमान राजायों से लोहा लेने के लिए और हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए की गई थी। एक बहादूरों की फौज खड़ी की गई। उसमें सभी हिंदुओं ने अपना योगदान दिया, चाहे वो किसी भी जाति से था, चाहे वो मोहकम चंद हो, चाहे साहब चंद। और इस तरह जो भी गुरु जी के साथ जुडते गए, उन्होंने अपने नाम के पीछे ‘सिंह’ लगाना शुरू कर दिया।
- हालाँकि जब तक भिंडरा वाला सामने नहीं आया, तब तक हिन्दू और सिख में कोई अंतर किसी ने महसूस नहीं किया था। किसी हिन्दू को सिख पराया नहीं लगता था, और किसी सिख को हिन्दू पराया नहीं लगता था।
- उसके बाद, 1978 आता है। और यह बात जग विदित है की काँग्रेस को उन दिनों में पंजाब में अकाली पार्टी का प्रभाव कम करने के लिए, कोई व्यक्ति, कोई मुद्दा चाहिए था। तब संजय गांधी ने गियानी ज़ैल सिंह के जरिए, जरनैल सिंह बराड़, जो की दमदमी टकसाल का चौदहवाँ संत, जिसको की जत्थेदार कहा जाता था, और जो की भिंडरवाल नाम के गाँव से आता था, जो बाद में भिंडरा वाला ही कहलाया, को अकाली पार्टी का मुकाबला करने के लिए एक मोहरे के रूप में चुना गया।
- तब तक क्यूंकि हिन्दू और सिख खुद को एक ही मानते थे, तो हिंदुओं के साथ कोई मुद्दा बनता नहीं था। वैसे भी हिंदुओं को शांति प्रिय समझा जाता है, जबकि सिख कोम का जन्म ही एक योद्धा के रूप में, जो मुसलमान शासकों से कोम को बचाएगा, हुआ था। लेकिन हिंदुओं के साथ वही हो रहा है जो अहमद फराज़ ने वर्षों पहले कहा था, की चुप रहा तो गलतफहमियाँ बढ़ी। वो भी सुना उसने, जो मैंने कहा नहीं।
- पॉलिटिक्स में जनता को पीछे लगाने के लिए कोई न कोई मुद्दा जरूर चाहिए ही होता है। तो अंतत जरनैल सिंह भिंडरवाले ने, एक मुद्दे को हवा देनी शुरू की की जो निरंकारी समुदाय है, वो सिख धर्म के दुश्मन हैं और सिख धर्म का नुकसान कर रहे हैं। उन सब बातों की डीटेल में हम इस विडिओ में नहीं जा सकते, वरना जो इस विडिओ का असल मकसद या टॉपिक है, वो रह जाएगा।
- लेकिन मुख्य बात यह है की धीरे धीरे जरनैल सिंह को भीड़ से मिलने वाली पावर का मज़ा आने लग गया और उसने निरंकारी वाली बात के साथ यह भी दोहराना शुरू कर दिया की सिखों को पंजाब में गुलाम बनाया जा रहा है। उन पर अत्याचार हो रहा है और उनके साथ भेद भाव हो रहा है। लेकिन किसी ने जरनैल सिंह से यह नहीं पूछा की जब हिंदुओं को सिखों के मुकाबले कायर ही समझा जाता है, तो हिंदुओं से डर किस बात का? और उसकी इन्ही बातों के नतीजों के सदके बाद में 1990 तक हिंदुओं को पंजाब में चुन चुन कर कत्ल किया गया, हालाँकि उसके नतीजे स्वरूप पंजाब से बाहर सिखों के भी कत्ल किए गए।
- उन्ही सालों में सिखों के नेतायों ने कहना शुरू कर दिया की हिंदुओं की राम-राम की जगह सिखों की सत श्री अकाल कहनी शुरू की जाए। वरना वो लोग (जो नहीं कहेंगे) सोधे जाएंगे। हिन्दू और सिख क्यूंकि आपस में एक दूसरे को एक ही समझते आए हैं, इसलिए उनमें से इन सब बातों पर उनमें से किसी को भी तब कोई ऐतराज न था। लेकिन अब?? अब बात हद से आगे बढ़ती जा रही है। दरअसल पढे लिखे व्यक्ति के आगे यह बड़ी दुविधा होती है की यदि वो चुप रहता है तो लोगों को मूर्ख बंदे के झूठ सच न लगने लग सकते हैं, और यदि वो पलट कर उसका जबाब देता है तो मूर्ख की मूर्खता को और सहारा मिलता है। How terrible is the wisdom, when it brings no profit to the wise?
- अब अपने आज के मुद्दे की बात को आगे बढ़ाएं। की तब तो किसी को कोई ऐतराज न था। क्यूंकि मनों में कोई फ़र्क न थे। लेकिन अब कुछ घटिया किस्मों वाले लोगों ने, जो हरेक समुदाय में होते हैं, इतना फ़र्क पैदा कर दिया की मेरे जैसे हिंदुओं को भी लगने लग गया है की अकेली सत श्री अकाल ही क्यूँ हो? जय सिया राम क्यूँ न हो?
- तो आज मैं आप लोगों को पंजाब में वो जगह गिनाता हूँ जो केवल सिख भाई चारे को खुश करने के लिए, सत श्री अकाल बोल जाता है, लेकिन ‘जय सिया राम’ नहीं बोलते। जान भूझ कर। यह दिखाने के लिए हिंदुओं से उनको कोई मतलब नहीं है। लोग तो लोग पंजाब के सीएम और सरकार भी, जय सिया राम नहीं बोलते। हिंदुओं के प्रति कोई प्यार सत्कार की भावना नहीं रखते। ऐसे चैनलस, लीडरस की सूची इस प्रकार है:
- फेस्बूक और यूट्यूब पर चलने वाले 90% चैनल, सदा सिख भाई चारे को ही संभोदहित करते हैं। जय सिया राम इनको बोलना ही नहीं आता। इनमें से मुख्य जो सामने आते हैं, जो की मैं आपसे निवेदन करता हूँ की ऐसे सभी घटिया चैनलस का बाइकाट करे, जब तक की यह दोनों समुदाय का, या फिर राष्ट्रीय, सबकी सांझी नमस्कार पर नहीं आते: Sukhnaib Singh Sidhu, ProPunjabTv, DailyPost, Rojana Spokesman, OnAir, Nri channel, etc.
- National TVs के रीजेनल टीवी चैनल: abp sanjha, star punjab/himachal, zee punjab, Punjab.News18, StarNewsPunjabiTV, PTC, BBC News Punjabi.
- अब इन चीजों का बहिष्कार शुरू करें। क्यूंकि भागना ही जरूरी नहीं। समय पर जाग कर चलना शुरू करना उससे भी अधिक जरूरी है। क्यूंकि यदि समय निकल गया, तो एक इंच सोना देकर एक इंच समय नहीं खरीद पाएंगे। कब तक आप अपने बुजुर्गों की दी हुई कुर्बानियों की दुहाई देकर, अपने संस्कारों की समृद्धि दिखा दिखा कर खुद को दिलासे देते रहोगे? या आँख मूँद कर उम्मीद करोगे की सामने वाला तुम्हारे खिलाफ चिल्लाना बंद कर देगा। वो बंद नहीं करेगा, बल्कि तुम्हारी चुप्पी देख कर उसका होनसला बढ़ता ही जा रहा है। या फिर सोचते रहोगे की मोदी योगी शेर बनकर सब ठीक कर देंगे। No one can help a race of people by doing something permanently for them, that they could, and should, do themselves. Not even Modi or Yogi. No!
- लेकिन अब पंजाब की सरकार पर आयें। जब तक आप जय सिया राम, या जय माता दी कहने वाले लीडर को पंजाब का सीएम नहीं बनाते, तब तक सभी सरकारी अदारे भी हिंदुओं को कुछ नहीं समझेंगे। उद्धरण के तोर पर, पंजाब गवर्नमेंट के किसी भी डिपार्ट्मन्ट के जो भी संदेश आपको प्राप्त होंगे, उन सभी में केवल सिख भाई चारे को ही खुश करने के प्रयत्न होंगे। चाहे वो pspcl से बात करने में आपको सुनाई दें, चाहे उनके msg में, चाहे आप पंजाब पुलिस के व्हाट्सप्प नंबर पर कोई msg डालें, यहाँ तक की punjab govt के Public Grievance के नंबर्स और सभी रेस्पोंसे भी आपको केवल सिख समुदाय को ही सम्भोधित करते मिलेंगे. Remember two words: persistence and resistance. Persist in what must be done and resist in what must not be done.
- हालाँकि यहाँ यह भी ध्यान देने योग्य बात है की सभी सिख, या सभी हिन्दू आज भी, खुद को अलग अलग नहीं समझते, बल्कि यह भी कहना पड़ेगा की जो सिख भाई अच्छी पोस्ट्स पर बैठे हैं, नैशनल या इंटरनेशनल लेवल के स्पोर्ट्स मेन हैं, या कोई पुलिस ऑफिसर, या आर्मी ऑफिसर, या कोई और सेंट्रल गवर्नमेंट की जॉब्स, या कामयाब बिजनस मेन, वो समझते हैं की हिंदुस्तान से अलग होकर किसी भी कोम को लाभ नहीं नुकसान है, और जो भी अलग होने की बात करते हैं, वो मूर्ख हैं। जो भी हिंदुओं सिखों को अलग अलग कहने पर लगे हुए हैं, चाहे वो किसी भी समुदाय के हों, हिन्दू, चाहे सिख, वो क्षमता हीन वो लोग होते हैं, जो न कोई व्यापार चलाने में सक्षम हुए, न कोई काम्पिटिशन क्लेयर किया, वही लोग एक अलग स्टेट बनाकर उसके लीडर बनने के सपने देखते हैं, लेकिन फिर भी, जो भी अलग अलग की रट लगाते हैं, और यहाँ तक की वो, जो हिन्दुओं को ही अपना दुश्मन समझने लग गए हैं, उनकी गिनती बहुत बढती जा रही है। अक्सर ऐसे लोगों को लगता है की यदि अपनी उम्र के इस पड़ाव पर यदि वो कानून के अंदर रह कर कुछ व्यापार आदि करेंगे तो वक्त रहते कुछ कमा नहीं पाएंगे। इसलिए इस कानून को ही गलत ठहरा कर मशूरई हासली करके कुछ पाने का एहसास तो लिया जाए। कुछ हलचल तो की जाए। और उनके साथ उनके जैसे ही और बहले लोग, जो अदर्वाइज़ अपनी पहचान न बना पाए, बहुत से लोग उनके साथ जुडने को तयार ही हैं। आप देखना, कभी कोई कामयाब व्यापारी, कोई नोकरीपेशा चाहे वो किसी भी कोम का क्यूँ न हो, आपको भड़काने वाली बात नहीं करेगा। आपको कोम की दुहाईयां नहीं देगा। लेकिन अब जब ऐसे लोगों की संख्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है, तो कुछ न कुछ तो हमें भी करना ही पड़ेगा।
- इसलिए, सभी हिंदुओं से यह निवेदन है की क्यूंकि वो पंजाब में मनॉरटी में हैं, उनको अपनी एकता दिखा कर वही चैनल देखने चाहियें, वही सीएम बनाना चाहिए, उसी पार्टी को वोट देनी चाहिए, जिसके कैनडिट जय सिया राम, जय माता दी भी उसी ताकत से बोलें, जितनी ताकत से वो सत श्री अकाल बोलते हैं। या फिर उनको, जो एक राष्ट्र का नारा देते हुए, राष्ट्रीय जय हिन्द, नमस्कार, बंदे मातरम आदि बोलते हों, किसी भी एक समुदाय का नहीं। Because for cultures, for a religious group, there is no status quo. You’re are either creating or disintegrating.
- और पंजाब सरकार को मैं कहना चाहता हूँ की Time has very strong teeth, जब यह काटता है तो बड़े बड़े तड़प उठते हैं। कहीं ऐसा न हो की जैसे आज आप बीते कल को झूठ साबित करने पर लगे हो, कहीं वक़्त आपके आने वाले सभी कलों को झूठ बना दे।
- बस दोस्तों, यही कहना चाहता था, उम्मीद है की आने वाले दिनों में दिल को छूने और झझकोरने वाले कुछ और मुद्दे लेकर आने का टाइम निकाल पाऊँगा।

#JaiSiyaRam  
#SatShriAkal  
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**Post date:** [December 21, 2021, 12:44pm UTC](https://www.bathindahelper.com/t/jai-siya-ram-vs-sat-shri-akal-in-punjab-diff-between/3549/2 "2021-12-21T12:44:35Z")

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ऊपर के आर्टिकल को आप एक विडिओ के रूप में यहाँ नीचे देख सकते हैं:

[![](https://img.youtube.com/vi/XwHjDT7dPbc/maxresdefault.jpg "How and when Jai Siya Ram & Sat Shri Akal became different and fighting with each other? Who wins?") ](https://www.youtube.com/watch?v=XwHjDT7dPbc)

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