# Mystry behind the ten sacred/holy Hindu things

**URL:** https://www.bathindahelper.com/t/mystry-behind-the-ten-sacred-holy-hindu-things/3586
**Category:** History, Mythology
**Created:** [January 18, 2022, 4:54am UTC](https://www.bathindahelper.com/t/mystry-behind-the-ten-sacred-holy-hindu-things/3586 "2022-01-18T04:54:17Z")
**Posts on this page:** 11
**Page:** 1

<div class="post-metadata">

### Author: ![NishuChhabra](https://www.bathindahelper.com/user_avatar/www.bathindahelper.com/nishuchhabra/32/12850_2.png) [@NishuChhabra](https://www.bathindahelper.com/u/NishuChhabra)
#### Post date: [January 18, 2022, 4:54am UTC](https://www.bathindahelper.com/t/mystry-behind-the-ten-sacred-holy-hindu-things/3586/1 "2022-01-18T04:54:17Z")

</div>

### पौराणिक काल की दस दैवीय वस्तुओ का रहस्य जानिए

कल्पवृक्ष, अक्षीपात्र, करण के क्वच और कुंडल, 3 दिव्य धनुष जो महाभारत में इस्तेमाल हुए, अश्वतहमा की मणि, पाञ्चजन्य शंख, संजीवनी बूटी यह सब चीजें किसके पास कहाँ से आईं? और क्या यह धरती पर अब भी किसी के पास मोजूद हैं?

- कल्पवृक्ष : - वेद और पुराणों में कल्पवृक्ष का उल्लेख मिलता है। कल्पवृक्ष स्वर्ग का एक विशेष वृक्ष है। पौराणिक धर्मग्रंथों और हिन्दू मान्यताओं के अनुसार यह माना जाता है कि इस वृक्ष के नीचे बैठकर व्यक्ति जो भी इच्छा करता है, वह पूर्ण हो जाती है। पुराणों में इस वृक्ष के संबंध में कई तरह की कथाएं प्रचलित हैं। इसके अलावा कुछ विद्वान मानते हैं कि पारिजात के वृक्ष को ही कल्पवृक्ष कहा जाता है। पद्मपुराण के अनुसार पारिजात ही कल्पतरु है, जबकि कुछ का मानना है यह सही नहीं है। पुराण तो बहुत बाद में लिखे गए।  

- अक्षय पात्र : - अक्सर यह चमत्कारिक अक्षय पात्र प्राचीन ऋषि-मुनियों के पास हुआ करता था। अक्षय का अर्थ जिसका कभी क्षय या नाश न हो। दरअसल, एक ऐसा पात्र जिसमें से कभी भी अन्न और जल समाप्त नहीं होता। जब भी उसमें हाथ डालो तो खाने की मनचाही वस्तु निकाली जा सकती है। महाभारत में अक्षय पात्र संबंधित एक कथा है। जब पांचों पांडव द्रौपदी के साथ 12 वर्षों के लिए जंगल में रहने चले गए थे, तब उनकी मुलाकात कई तरह के साधु-संतों से होती है।

- कर्ण के कवच-कुंडल : - भगवान कृष्ण यह भली-भांति जानते थे कि जब तक सूर्य से प्राप्त कर्ण के पास उसका कवच और कुंडल है, तब तक उसे कोई नहीं मार सकता। ऐसे में अर्जुन की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं। उधर देवराज इन्द्र भी चिंतित थे, क्योंकि अर्जुन उनका पुत्र था।

- दिव्य धनुष और तरकश : - दधीचि ऋषि ने देश के हित में अपनी हड्डियों का दान कर दिया था। उनकी हड्डियों से 3 धनुष बने- 1. गांडीव, 2. पिनाक और 3. सारंग। इसके अलावा उनकी छाती की हड्डियों से इंद्र का वज्र बनाया गया। इन्द्र ने यह वज्र कर्ण को दे दिया था।

- पारसमणि : - पारसमणि का जिक्र पौराणिक और लोककथाओं में खूब मिलता है। इसके हजारों किस्से और कहानियां समाज में प्रचलित हैं। कई लोग यह दावा भी करते हैं कि हमने पारसमणि देखी है। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में जहां हीरे की खदान है, वहां से 70 किलोमीटर दूर दनवारा गांव के एक कुएं में रात को रोशनी दिखाई देती है। लोगों का मानना है कि कुएं में पारसमणि है।

- अश्वत्थामा की मणि : - मणि एक प्रकार का चमकता हुआ पत्थर होता है। मणि को हीरे की श्रेणी में रखा जा सकता है। इन्हीं में से कुछ मणियां चमत्कारिक थीं। जिसके भी पास मणि होती थी वह कुछ भी कर सकता था। रावण ने कुबेर से चंद्रकांत नाम की मणि छीन ली थी। वहीं मणि आजकल बैद्यनाथ मंदिर में विद्यमान है।

- स्यमंतक मणि : - कुछ लोग कोहिनूर को ही स्यमंतक मणि मानते हैं। हालांकि इसमें कितनी सच्चाई है यह हम नहीं जानते। सबसे पहले यह मणि इन्द्रदेव के पास थी। वे इसे धारण करते थे। इन्द्रदेव ने यह मणि सूर्यदेव को दे दी थी। बहुत काल के बाद यह मणि राजा सत्राजित के पास पाई गई। सत्राजित ने यह मणि अपने देवघर में रखी थी।

- पाञ्चजन्य शंख : - महाभारत में कृष्ण के पास पाञ्चजन्य, अर्जुन के पास देवदत्त, युधिष्ठिर के पास अनंतविजय, भीष्म के पास पोंड्रिक, नकुल के पास सुघोष, सहदेव के पास मणिपुष्पक था। सभी के शंखों का महत्व और शक्ति अलग-अलग थी। शंखों की शक्ति और चमत्कारों का वर्णन महाभारत और पुराणों में मिलता है। समुद्र मंथन के दौरान इस पाञ्चजन्य शंख की उत्पत्ति हुई थी। शंख को ‍विजय, समृद्धि, सुख, शांति, यश, कीर्ति और लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। सबसे महत्वपूर्ण यह कि शंख नाद का प्रतीक है। शंख ध्वनि शुभ मानी गई है।हालांकि प्राकृतिक रूप से शंख कई प्रकार के होते हैं। इनके 3 प्रमुख प्रकार हैं- दक्षिणावृत्ति शंख, मध्यावृत्ति शंख तथा वामावृत्ति शंख। इन शंखों के कई उप प्रकार होते हैं।

- कौस्तुभ मणि : - मंथन के दौरान 5वां रत्न था कौस्तुभ मणि। कौस्तुभ मणि को भगवान विष्णु धारण करते हैं। महाभारत में उल्लेख है कि कालिय नाग को श्रीकृष्ण ने गरूड़ के त्रास से मुक्त किया था। उस समय कालिय नाग ने अपने मस्तक से उतारकर श्रीकृष्ण को कौस्तुभ मणि दे दी थी। यह एक चमत्कारिक मणि है। माना जाता है कि इच्छाधारी नागों के पास ही अब यह मणि बची है या फिर समुद्र की किसी अतल गहराइयों में कहीं दबी पड़ी होगी। हो सकता है कि धरती की किसी गुफा में दफन हो यह मणि।

- संजीवनी बूटी : - यह एक ऐसी जड़ी है जिसको खाने से जब तक उसका असर रहता है, तब तक व्यक्ति गायब रहता है। यह एक ऐसी बूटी है जिसका सेवन करने से व्यक्ति को भूत-भविष्‍य का ज्ञान हो जाता है। क्या सचमुच ऐसा है? क्या संजीवनी बूटी होती है? आजकल वैज्ञानिक पारे, गंधक और आयुर्वेद में उल्लेखित कई प्रकार की जड़ी-बूटियों पर शोध कर रहे हैं और इसके चमत्कारिक परिणाम भी निकले।  

भारत देश को योग, ध्यान, अध्यात्म, रहस्य और चमत्कारों का देश माना जाता है। वेद, पुराण, रामायण और महाभारत में ऐसी हजारों घटनाक्रम और वस्तुओं के बारे में वर्णन मिलता है जिन पर आधुनिक युग में शोध जारी है। चमत्कार और विज्ञान की ऐसी-ऐसी अजीब बातें हैं जिनमें से कुछ की वैज्ञानिक पुष्‍टि होने के बाद उन पर अब सहज ही विश्वास किया जाने लगा है।

प्राचीनकाल में ऐसी वस्तुएं थीं जिनके बल पर देवता या मनुष्य असीम शक्ति और चमत्कारों से परिपूर्ण हो जाते थे। उन वस्तुओं के बगैर व्यक्ति खुद को असहाय मानता था। कहते हैं कि ऐसी वस्तुएं आज भी किसी स्थान विशेष पर सुरक्षित रखी हुई हैं।

---

<div class="post-metadata">

### Author: ![system](https://www.bathindahelper.com/user_avatar/www.bathindahelper.com/system/32/12901_2.png) [@system](https://www.bathindahelper.com/u/system)
#### Post date: [August 30, 2025, 4:14pm UTC](https://www.bathindahelper.com/t/mystry-behind-the-ten-sacred-holy-hindu-things/3586/11 "2025-08-30T16:14:53Z")

</div>



---

<div class="post-metadata">

### Author: ![system](https://www.bathindahelper.com/user_avatar/www.bathindahelper.com/system/32/12901_2.png) [@system](https://www.bathindahelper.com/u/system)
#### Post date: [October 5, 2025, 8:55pm UTC](https://www.bathindahelper.com/t/mystry-behind-the-ten-sacred-holy-hindu-things/3586/12 "2025-10-05T20:55:52Z")

</div>



---

<div class="post-metadata">

### Author: ![system](https://www.bathindahelper.com/user_avatar/www.bathindahelper.com/system/32/12901_2.png) [@system](https://www.bathindahelper.com/u/system)
#### Post date: [November 10, 2025, 11:16am UTC](https://www.bathindahelper.com/t/mystry-behind-the-ten-sacred-holy-hindu-things/3586/13 "2025-11-10T11:16:03Z")

</div>



---

<div class="post-metadata">

### Author: ![system](https://www.bathindahelper.com/user_avatar/www.bathindahelper.com/system/32/12901_2.png) [@system](https://www.bathindahelper.com/u/system)
#### Post date: [December 16, 2025, 3:12pm UTC](https://www.bathindahelper.com/t/mystry-behind-the-ten-sacred-holy-hindu-things/3586/14 "2025-12-16T15:12:21Z")

</div>



---

<div class="post-metadata">

### Author: ![system](https://www.bathindahelper.com/user_avatar/www.bathindahelper.com/system/32/12901_2.png) [@system](https://www.bathindahelper.com/u/system)
#### Post date: [January 22, 2026, 5:06am UTC](https://www.bathindahelper.com/t/mystry-behind-the-ten-sacred-holy-hindu-things/3586/15 "2026-01-22T05:06:30Z")

</div>



---

<div class="post-metadata">

### Author: ![system](https://www.bathindahelper.com/user_avatar/www.bathindahelper.com/system/32/12901_2.png) [@system](https://www.bathindahelper.com/u/system)
#### Post date: [April 27, 2026, 5:06pm UTC](https://www.bathindahelper.com/t/mystry-behind-the-ten-sacred-holy-hindu-things/3586/16 "2026-04-27T17:06:22Z")

</div>



---

<div class="post-metadata">

### Author: ![system](https://www.bathindahelper.com/user_avatar/www.bathindahelper.com/system/32/12901_2.png) [@system](https://www.bathindahelper.com/u/system)
#### Post date: [June 5, 2026, 11:26am UTC](https://www.bathindahelper.com/t/mystry-behind-the-ten-sacred-holy-hindu-things/3586/17 "2026-06-05T11:26:42Z")

</div>



---

<div class="post-metadata">

### Author: ![system](https://www.bathindahelper.com/user_avatar/www.bathindahelper.com/system/32/12901_2.png) [@system](https://www.bathindahelper.com/u/system)
#### Post date: [July 13, 2026, 6:46am UTC](https://www.bathindahelper.com/t/mystry-behind-the-ten-sacred-holy-hindu-things/3586/18 "2026-07-13T06:46:18Z")

</div>



---

<div class="post-metadata">

### Author: ![system](https://www.bathindahelper.com/user_avatar/www.bathindahelper.com/system/32/12901_2.png) [@system](https://www.bathindahelper.com/u/system)
#### Post date: [August 20, 2026, 9:01am UTC](https://www.bathindahelper.com/t/mystry-behind-the-ten-sacred-holy-hindu-things/3586/19 "2026-08-20T09:01:38Z")

</div>



---

<div class="post-metadata">

### Author: ![system](https://www.bathindahelper.com/user_avatar/www.bathindahelper.com/system/32/12901_2.png) [@system](https://www.bathindahelper.com/u/system)
#### Post date: [September 28, 2026, 5:07am UTC](https://www.bathindahelper.com/t/mystry-behind-the-ten-sacred-holy-hindu-things/3586/20 "2026-09-28T05:07:28Z")

</div>


