# शादी कड़वा या फिर मीठा लड्डू?

**URL:** <https://www.bathindahelper.com/t/topic/2795>\
**Category:** General Discussion\
**Created:** [July 23, 2020, 3:45am UTC](https://www.bathindahelper.com/t/topic/2795 "2020-07-23T03:45:21Z")\
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**Author:** ![Bathinda\_Helper](https://www.bathindahelper.com/user_avatar/www.bathindahelper.com/bathinda_helper/32/12851_2.png) [@Bathinda\_Helper](https://www.bathindahelper.com/u/Bathinda_Helper)\
**Post date:** [July 23, 2020, 3:45am UTC](https://www.bathindahelper.com/t/topic/2795/1 "2020-07-23T03:45:21Z")

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किसी मेम्बर ने शादी पर डिस्कशन करनी चाही, या मेरे विचार जानने चाहे। उसके लिए मैं अपनी बात नीचे कह रहा हूँ।

शादी से पहले अपने दुख सुख अलग तरह के होते हैं।  
लेकिन जैसे जैसे अपने माता पिता बूढ़े होते जाएंगे, और जैसे जैसे हम में से जवानी खत्म होती जाएगी, हम घर के छोटे काम, जैसे खाना पकाना, बाजार से खरीददारी, सब्जी वाले से माथा खपाई करके सही रेट पर चीज खरीदना, और दुनिया से संघर्ष करके पैसा कमाना, सब काम खुद कभी भी सही तरीके से नहीं कर पाएंगे। और वो सुख-दुख, केवल दुखों में ही बदलने लगते जाएंगे।

इससे बचने के लिए, अपनी बढ़ती उम्र के साथ, हमें एक ऐसा वफ़ादार साथी चाहिए होता है जो एक फ्रन्ट पर लड़ाई वो लड़ ले, और दूसरे पर हम।  
और हम दोनों को जी जान से एक दूसरे पर इतना विश्वास हो की आपस में चाहे कितना लड़ लें, पर घर के साथ, परिवार के साथ धोखा नहीं करेंगे।

दूसरी बात, जब बच्चे हो जाते हैं तो वो जीवन एक अलग platfrom पर पहुँच जाता है। वो एक ऐसा प्यार होता है जो हमारे genes/जीन में कुदरत ने बहुत गहरे से फिट कर दिया है। उसका कोई तोड़ नहीं। हम अपने बच्चों को खुश देख कर, उनकी खुशी का कारण बन कर खुद खुश होते हैं। हाँ, उसके साथ कहीं न कहीं यह भावना भी जुड़ी रहती है की जैसे जैसे हम बूढ़े और कमजोर होंगे, ये (हमारे बच्चे) जवान होंगे। और हमें संभालेंगे। यानि उसमें प्यार के साथ साथ एक अजीब सा स्वार्थ भी साथ में जोड़ दिया।

और इस सब में सोने पे सुहाग, या कहो गरम मसाला स\*\* का जोड़ दिया। जिससे की अच्छे अच्छे योगी भी पार नहीं पा सकते। वरना हो सकता था की कोई अपनी जवानी में शादी करवा के बाद में बच्चे ही पैदा न करता। लेकिन वो औरत के अंदर एक माँ बनने की चाहत और स\*\* का योगदान, एक अजीब सा, न पार पाए जाने वाले काम्बनैशन के तहत, उन पति पत्नी के भी बच्चे हो जाते हैं, जो चाहते नहीं होते।

और एक बार बच्चे हो गए तो समझो की घर बंध गया।

घर बंध गया तो लाइफ में स्टबिलिटी की शुरुआत हो गई। और यही स्टबिलिटी के पीछे सारी उम्र बंदा दोड़ता राहत है। जिसमें की कोई नुकसान नहीं।

उस मेम्बर की पोस्ट यहाँ पर है: [Telegram: View @bathinda\_helper](https://t.me/bathinda_helper/3503)

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